Nobel Prize Winners in India
भारतीय नोबल विजेता
रवीन्द्रनाथ टैगोर (1861 - 1941) :
गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर हमारे देश के अदि विशिष्ट तथा सम्मानित व्यक्तियों में से एक हैं । वे अपने कविता संग्रह 'गीतांजलि' के लिए पुरस्कार नोबल जीतने वाले प्रथम भारतीय थे। वे महान लेखक तथा शिक्षाविद् थे, जिन्होंने बोलपुर, पश्चिम बंगाल में "शांति निकेतन" ( 1901 ) की स्थापना की, जो बाद में विश्वभारती विश्वविद्यालय बना ।
सी. वी. रमन ( 1888 - 1970 ) :
प्रथम भारतीय वैज्ञानिक, जिसने प्रकाश के प्रकीर्ण के अध्ययन, जिसे रमन प्रभाव भी कहा जाता है, के लिए भारत के राष्ट्रीय गीत 'जनगनमन' की रचना टैगोर ने की थी । 1930 इनका जन्म पंजाब के रायपुर शहर में हआ जो अब पाकिस्तान में है । वह भारतीय मूल के पहले अमरीकी नागरिक थे । नोबल पुरस्कार जीता । सिद्धान्त में एक पारदर्शी माध्यम के जरिए प्रकाश के गुजरने की बारम्बारता में परिवर्तन का वर्णन है । वे प्रथम भारतीय तथा एशियन थे, जिन्होंने भौतिक विज्ञान में नोबल पुरस्कार प्राप्त किया ।
हरगोविन्द खुराना ( 1922 - 2011 ) :
भारत मूल के अमेरिकी नागरिक । इन्होंने पहली बार यीस्ट जीन के प्रयोगशाला संश्लेषण के लिए 1968 में चिकित्सा / शारीरिक विज्ञान के लिए नोबल पुरस्कार जीता ।
मदर टेरेसा ( 1910 - 1998 ) :
अल्बानिया ( यूगोस्लाविया ) में जन्म, 19 वर्ष की आयु में 1929 में भारत आई तथा भारतीय नागरिक बन गई । इन्होंने 'मिशनरिज ऑफ चैरिटी' की स्थापना की तथा अपने मिशनरी कार्यों के लिए 1979 में शान्ति नोबल पुरस्कार जीता । इन्होंने ये पुरस्कार भी प्राप्त किए :
भारत रत्न ( 1980 )
अंतर्राष्ट्रीय समझ - बूझ के लिए जवाहर लाल नेहरू सम्मान ( 1969 ), रेमन मैग्सेसे सम्मान ( 1962 ) तथा टेम्पलटन फाउंडेशन सम्मान ( 1973 ) इनके जीवन का मिशन पीड़ित मानवों की सेवा करना ही था ।
सुब्रामण्यम् चन्द्रशेन ( 1910 - 195 ) :
लाहौर ( अब पाकिस्तान ) में जन्म, बाद में वे अमेरिका के नागरिक बन गए । उन्हें अपने कार्य जिसे चन्द्रशेखर लिमिट के नाम से जाना जाता है जो डायिंग स्टार की न्यूनतम द्रव्यमान को निर्धारित करता है जो इसे जीवित रहने में सक्षम बनाता है, के लिए 1983 में भौतिकी दक्षेत्र में नोबल पुरस्कार दिया गया था ।
अमत्य सन ( 1933 ) :
1998 में अथशास्त्रक लिए नोबल पुरस्कार प्राप्त किया । इस पुरस्कार से सम्मानित प्रथम एशियावासी । इन्हें केनथ ऐरो द्वारा सुझाए गए 'असम्भव प्रमेय' ( इम्पसिबल थ्योरम ) के गणितीय समाधान का श्रेय जाता है जिसमें बताया गया है कि समग्र के रूप में समाज के लिए वैयक्तिक इच्छाओं को संतोषजनक इच्छाओं में सम्मिलित करना संभव नहीं है । प्रो. सेन ने बताया कि समाज इस प्रकार के क्षीण निष्कर्षों के समाधान तलाश सकेगा ।
बैंकटरमन रामाकृष्णन ( 1952 )
रासायन विज्ञान के क्षेत्र में 2009 में नोबल पुरस्कार प्रापत करने वाले पहले व्यक्ति थे । तामिलनाडु के जम्पल रामाकृष्णन के साथ दो और वैज्ञानिकों को भी नोबल पुरस्कार दिया गया । उपरोक्त वैज्ञानिकों में सांझे रुप में मनुष्य शरीर की रिबोसेम की बनावट और कार्य की उक्त शैल रोगों को अक्सर कम करने के लिए कैसे नये प्रोटीन पैदा करता है ।
कैलाश सत्यार्थी ( 1954 ) :
2014 का नोबल शान्ति पुरस्कार प्राप्त करने वाले कैलाश सत्यार्थी विदिशा ( मध्य प्रदेश ) के रहने वाले हैं । उन्होंने 1980 में एक गैर - सरकारी संगठन बच्चों के हक की रक्षा के लिए ' बचपन बचाओ आन्दोलन शुरू किया । इस संगठन के द्वारा उन्होंने 80,000 बच्चों को फैक्टरियों बन्धुआ मजदूरी से छुटकारा दिलाया । यह सांझा पुरस्कार उनको पाकिस्तान की मलाला यूसुफजाई के साथ दिया गया ।( समाधि स्थल )
राजघाट : महात्मा गाँधीशांति वन : जवाहरलाल नेहरू
विजय घाट : लाल बहादुर शास्त्री
शक्ति स्थल : इंदिरा गाँधी
अभय घाट : मोरारजी देसाई
किसान घाट : चौधरी चरण सिंह
उदय भूमि : के. आर. नारायणन
वीर भूमि : राजीव गाँधी
महाप्रयाण घाट : डा. राजेन्द्र प्रसाद
नारायण घाट : गुलजारी लाल नंदा
समता स्थल : जगजीवन राम
चैत्रा भूमि : बी. आर. अम्बेडकर
एकता स्थल : ज्ञानी जैल सिंह
कर्म भूमि : शंकर दयाल शर्मा
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